डेगाना में भाजपा 13 सीटों पर क्यों सिमटी? इंदरदीप सिंह का बड़ा बयान
डेगाना में भाजपा 13 सीटों पर क्यों सिमटी? इंदरदीप सिंह ने बताया चुनावी गणित, पंचायत चुनाव पर भी बोले
डेगाना न्यूज़ | विशेष राजनीतिक बातचीत | नागौर, राजस्थान
डेगाना। राजस्थान में नगर पालिका चुनाव संपन्न होने के बाद अब पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। डेगाना नगर पालिका चुनाव में भाजपा 13 सीटों पर सिमट गई, जबकि तीन निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी जीत दर्ज कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि, नगर पालिका में चेयरमैन भाजपा का बना।
इसी चुनावी प्रदर्शन, टिकट वितरण और आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भाजपा नेता इंदरदीप सिंह ने डेगाना न्यूज़ से विशेष बातचीत की।
भाजपा की 13 सीटों पर सिमटने की क्या रही वजह?
डेगाना नगर पालिका के 25 वार्डों में से भाजपा ने 24 वार्डों पर चुनाव लड़ा था। चुनाव प्रचार में पूर्व सांसद, वर्तमान सांसद और विधायक सहित पार्टी के कई नेताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद भाजपा अपेक्षित सीटें हासिल नहीं कर सकी।
इस पर भाजपा नेता इंदरदीप सिंह ने कहा कि उनके अनुसार टिकट वितरण संतुलित तरीके से किया गया था। छोटे स्थानीय चुनावों में पार्टी से ज्यादा व्यक्तिगत संबंध, आपसी सहमति और स्थानीय समीकरण प्रभाव डालते हैं। कई बार व्यक्तिगत ईर्ष्या और मतभेदों के कारण भी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ता है।
चार-पांच पीढ़ियों से संगठन से जुड़ा है परिवार
इंदरदीप सिंह ने बताया कि उनका गांव ईडवा है और वे पिछले दस वर्षों से संगठन के कार्यों में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि उनके स्वर्गीय दादाजी ने डेगाना क्षेत्र में शुरुआती दौर में स्वतंत्र पार्टी के लिए कार्य किया था।
इसके बाद उनके पिताजी और अब वे स्वयं संगठन के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे आगे भी पार्टी के एक कार्यकर्ता के रूप में संगठन के लिए काम करते रहेंगे।
पंचायत चुनाव में भाजपा के बेहतर प्रदर्शन का दावा
आगामी ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों को लेकर इंदरदीप सिंह ने कहा कि भाजपा संगठन चुनाव के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले पंचायत चुनावों में पार्टी नगर पालिका चुनाव से बेहतर प्रदर्शन करेगी।
टिकट मिलने पर चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी चुनाव की तारीखों और परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। समय आने पर वे पार्टी से टिकट की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्णय पर उन्हें पूरा विश्वास है और संगठन जो जिम्मेदारी देगा, उसे स्वीकार करेंगे।
टिकट बदलने से हुई थी नाराजगी
नगर पालिका चुनाव में टिकट वितरण के दौरान हुए बदलाव को लेकर इंदरदीप सिंह ने बताया कि पहले पार्टी ने उन्हें टिकट दिया था और उनके नाम से चुनाव चिह्न भी जारी हुआ था, लेकिन बाद में पार्टी ने प्रत्याशी बदलने का निर्णय लिया।
उन्होंने स्वीकार किया कि इस घटनाक्रम से कुछ लोगों में नाराजगी और असमंजस पैदा हुआ था। हालांकि, उन्होंने कहा कि अब वे पुरानी बातों को पीछे छोड़कर पार्टी के साथ खड़े हैं।
यूजीसी और आरक्षण के मुद्दे पर भी रखी राय
बातचीत के दौरान यूजीसी कानून, आरक्षण और विभिन्न समाजों की नाराजगी को लेकर भी सवाल पूछे गए। इंदरदीप सिंह ने कहा कि इन मुद्दों पर पार्टी के भीतर मंथन होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भाजपा नेतृत्व संबंधित विषयों पर विचार करेगा।
यूजीसी कानून को लेकर उन्होंने कानून वापस लिए जाने की अपेक्षा भी जताई। यह उनकी व्यक्तिगत राय और बयान है।
राजपूत समाज की नाराजगी पर क्या बोले?
राजपूत समाज के कुछ नेताओं की भाजपा से नाराजगी और दूरी बनाने के सवाल पर इंदरदीप सिंह ने कहा कि बड़े संगठन में सभी की अपेक्षाएं पूरी करना संभव नहीं होता। इसके कारण कई बार नाराजगी सामने आती है।
उन्होंने भाजपा संगठन की तुलना परिवार से करते हुए कहा कि परिवार में भी मतभेद होते हैं, लेकिन अंत में सभी एक साथ रहते हैं। उनके अनुसार, समय के साथ संगठन में मतभेद दूर हो सकते हैं।
आगामी चुनावों पर टिकी निगाहें
डेगाना में नगर पालिका चुनाव के बाद अब सरपंच, प्रधान और जिला प्रमुख के चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
इंदरदीप सिंह ने जनता से आगामी पंचायत चुनावों में भाजपा को समर्थन देने की अपील की और कहा कि संगठन के निर्देशानुसार कार्यकर्ता चुनावी तैयारियों में जुटेंगे।
