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UPI पेमेंट चार्ज पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस, ₹2000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर सुनवाई

📅 28 Sep 2026🕐 02:36 PM ✍️ रिपोर्टर: Roopa Ram

UPI पेमेंट चार्ज पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस, ₹2,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर सुनवाई

नई दिल्ली | 28 सितंबर 2026

UPI Transaction Charges: डिजिटल पेमेंट से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) को नोटिस जारी किया है।

₹2,000 से अधिक के UPI पेमेंट पर प्रस्तावित शुल्क का मामला

सुप्रीम कोर्ट में UPI के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर सुनवाई हुई। यह शुल्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने के प्रस्ताव से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने इस व्यवस्था को चुनौती देते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि प्रस्तावित शुल्क से लगभग 96 प्रतिशत UPI उपयोगकर्ता प्रभावित नहीं होंगे। सरकार के अनुसार, यह शुल्क ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होने का प्रस्ताव है।

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल रोक लगाने से किया इनकार

याचिकाकर्ताओं ने 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था लागू होने से पहले उस पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया।

अदालत की ओर से अंतरिम राहत नहीं दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि प्रस्तावित शुल्क को अंतिम रूप से कानूनी मान्यता मिल गई है। मामले में अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है।

केंद्र सरकार से शुल्क का कानूनी आधार बताने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से औपचारिक शपथपत्र (Affidavit) दाखिल करने को कहा है। इसमें सरकार को स्पष्ट करना होगा कि प्रस्तावित राशि फीस है या किसी अन्य प्रकार का शुल्क अथवा लेवी।

अदालत ने मांगा इन सवालों का जवाब

  • प्रस्तावित UPI शुल्क की वास्तविक प्रकृति क्या है?
  • शुल्क लागू करने का कानूनी आधार क्या है?
  • क्या कार्यपालिका अपनी शक्तियों के तहत ऐसी शुल्क व्यवस्था लागू कर सकती है?

केंद्र, RBI और NPCI को चार सप्ताह का समय

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, RBI और NPCI सहित संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।

संबंधित पक्षों के जवाब और आगे की सुनवाई के बाद प्रस्तावित UPI शुल्क की कानूनी वैधता और उसके दायरे को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

UPI यूजर्स के लिए क्या है इसका मतलब?

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्तावित शुल्क पर अंतरिम रोक नहीं लगाई है। वहीं, अदालत ने इसकी वैधता पर अंतिम फैसला भी नहीं सुनाया है। इसलिए शुल्क के अंतिम स्वरूप और लागू होने की स्थिति पर आगे की न्यायिक कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।

डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध कराए गए सुनवाई के विवरण पर आधारित है। अंतिम कानूनी स्थिति के लिए सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश और संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं को देखा जाना चाहिए।

News Source: उपलब्ध कराए गए सुनवाई के विवरण के आधार पर।