राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026: पूरा शेड्यूल, मतदान और नामांकन की तारीखें
RADHE SHYAM OJHA AND ASSOCIATES
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जयपुर। राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव का इंतजार खत्म हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
पंचायत समिति, जिला परिषद, सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए अलग-अलग चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद ग्रामीण राजस्थान में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026: मुख्य चुनाव तिथियां
| चरण | जिला परिषद/पंचायत समिति मतदान | पंच/सरपंच मतदान | उपसरपंच चुनाव |
|---|---|---|---|
| प्रथम चरण | 22 अक्टूबर 2026 | 24 अक्टूबर 2026 | 26 अक्टूबर 2026 |
| द्वितीय चरण | 28 अक्टूबर 2026 | 30 अक्टूबर 2026 | 1 नवंबर 2026 |
| तृतीय चरण | 3 नवंबर 2026 | 5 नवंबर 2026 | 7 नवंबर 2026 |
| चतुर्थ चरण | 14 नवंबर 2026 | 16 नवंबर 2026 | 17 नवंबर 2026 |
मतदान का समय: सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक रहेगा। शाम 6 बजे तक मतदान केंद्र परिसर में पहुंच चुके मतदाताओं को मतदान का अवसर दिया जाएगा।
जिला परिषद सदस्यों के नामांकन की तारीखें
| चुनावी प्रक्रिया | तारीख एवं समय |
|---|---|
| लोकसूचना जारी | 8 अक्टूबर 2026 |
| नामांकन की अंतिम तिथि | 13 अक्टूबर 2026, दोपहर 3:00 बजे तक |
| नामांकन का समय | सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक |
| नामांकन पत्रों की संवीक्षा | 14 अक्टूबर 2026, सुबह 11:00 बजे से |
| नाम वापसी की अंतिम तिथि | 15 अक्टूबर 2026, दोपहर 3:00 बजे तक |
| चुनाव चिन्ह आवंटन | 15 अक्टूबर 2026, नाम वापसी के तुरंत बाद |
पंचायत समिति चुनाव 2026: चरणवार कार्यक्रम
| चरण | लोकसूचना | नामांकन की अंतिम तिथि | संवीक्षा | नाम वापसी |
|---|---|---|---|---|
| प्रथम चरण | 8 अक्टूबर | 13 अक्टूबर | 14 अक्टूबर | 15 अक्टूबर 2026 |
| द्वितीय चरण | 13 अक्टूबर | 16 अक्टूबर | 17 अक्टूबर | 19 अक्टूबर 2026 |
| तृतीय चरण | 19 अक्टूबर | 23 अक्टूबर | 24 अक्टूबर | 26 अक्टूबर 2026 |
| चतुर्थ चरण | 31 अक्टूबर | 4 नवंबर | 5 नवंबर | 6 नवंबर 2026 |
पंच और सरपंच चुनाव: नामांकन कार्यक्रम
| चरण | लोकसूचना | नामांकन | मतदान | मतगणना |
|---|---|---|---|---|
| प्रथम चरण | 8 अक्टूबर 2026 | 24 अक्टूबर 2026 | 24 अक्टूबर 2026 | मतदान समाप्ति के तुरंत बाद |
| द्वितीय चरण | 13 अक्टूबर 2026 | 30 अक्टूबर 2026 | 30 अक्टूबर 2026 | मतदान समाप्ति के तुरंत बाद |
| तृतीय चरण | 19 अक्टूबर 2026 | 5 नवंबर 2026 | 5 नवंबर 2026 | मतदान समाप्ति के तुरंत बाद |
| चतुर्थ चरण | 31 अक्टूबर 2026 | 15 नवंबर 2026 | 16 नवंबर 2026 | मतदान समाप्ति के तुरंत बाद |
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना
| चुनावी प्रक्रिया | तारीख | समय |
|---|---|---|
| जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना | 20 नवंबर 2026 | सुबह 8:00 बजे से |
जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख, प्रधान और उप प्रधान के चुनाव
| पद | चुनाव की तारीख |
|---|---|
| जिला प्रमुख | 25 नवंबर 2026 |
| उप जिला प्रमुख | 26 नवंबर 2026 |
| प्रधान | 27 नवंबर 2026 |
| उप प्रधान | 28 नवंबर 2026 |
कितने पदों पर होंगे चुनाव?
| पद | कुल पद |
|---|---|
| जिला प्रमुख | 41 |
| जिला परिषद सदस्य | 1,403 |
| प्रधान | 457 |
| पंचायत समिति सदस्य | 8,245 |
| सरपंच | 14,403 |
| वार्ड पंच | 1,30,589 |
सरपंच पदों पर आरक्षण
| वर्ग | आरक्षित सरपंच पद |
|---|---|
| एसटी | 3,058 |
| एससी | 2,493 |
| ओबीसी | 1,961 |
बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर जिलों में एसटी के सभी 1,253 सरपंच पद आरक्षित रहेंगे।
वार्ड पंच आरक्षण
| वर्ग | आरक्षित वार्ड |
|---|---|
| एससी | 21,962 |
| एसटी | 19,117 |
| ओबीसी | लगभग 15,000 |
उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च की सीमा
| पद | अधिकतम चुनाव खर्च |
|---|---|
| जिला परिषद सदस्य | ₹3,00,000 |
| पंचायत समिति सदस्य | ₹1,50,000 |
| सरपंच | ₹1,00,000 |
नामांकन के दौरान रैली और वाहनों पर प्रतिबंध
नामांकन पत्र प्रस्तुत करते समय रिटर्निंग अधिकारी या सहायक रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में उम्मीदवार सहित अधिकतम 5 लोग उपस्थित हो सकेंगे। नामांकन के दौरान रैली की अनुमति नहीं होगी। जिला परिषद सदस्य के लिए अधिकतम 3, पंचायत समिति सदस्य के लिए 2 और सरपंच पद के लिए 1 वाहन को 100 मीटर की सीमा में अनुमति होगी। चुनाव परिणाम के बाद विजय जुलूस पर भी प्रतिबंध रहेगा।
आदर्श आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। नई निविदाएं, नई योजनाएं, नए विकास कार्य और नए कार्यादेश जारी करने पर रोक रहेगी। पहले से जारी कार्यादेश और चल रहे विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
मतदाता सहायता केंद्र की सुविधा
नए परिसीमन के कारण वार्डों और मतदान केंद्रों में हुए बदलाव को देखते हुए मतदान भवन के पास मतदाता सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यहां बूथ लेवल अधिकारी मतदाताओं को मतदाता सूची में क्रमांक और मतदान केंद्र की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा
दिव्यांग मतदाताओं की सहायता के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। मतदान केंद्र तक पहुंचने और मतदान के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
3.17 लाख से अधिक कार्मिक और 2.72 लाख पुलिस बल की तैनाती
पंचायती राज चुनाव संपन्न कराने के लिए लगभग 3,17,688 कार्मिकों को मतदान, मतगणना और अन्य चुनावी कार्यों में लगाया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 2,72,304 पुलिस बल की तैनाती की योजना है।
चुनाव नियंत्रण कक्ष 24x7 सक्रिय
राज्य निर्वाचन आयोग मुख्यालय एवं जिला स्तर पर चुनाव नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। चुनाव संबंधी जानकारी और आमजन की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। आयोग मुख्यालय का नियंत्रण कक्ष नंबर 0141-2227407 है।
संतान संबंधी प्रावधान हटाया गया
राजस्थान राजपत्र अधिसूचना दिनांक 25 मार्च 2026 के माध्यम से राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 19 में संशोधन करते हुए पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन के लिए संतान संबंधी प्रावधानों को हटा दिया गया है।
डेगाना और नागौर में बढ़ेगी चुनावी हलचल
डेगाना समेत नागौर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर पर संभावित उम्मीदवार सक्रिय होंगे। आरक्षण की स्थिति के अनुसार स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
गांवों में किसकी जमेगी धाक?
नगरीय निकाय चुनावों के बाद अब पंचायती राज चुनाव ग्रामीण राजनीति के लिए बड़ी परीक्षा माने जा रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा आरएलपी, सीपीआईएम, बीएपी, बसपा, आरएलडी और आम आदमी पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दल एवं स्थानीय समूह भी अपनी ताकत आजमा सकते हैं। जिला प्रमुख और प्रधान जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जीत हासिल करना सभी प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा का विषय रहेगा।
राजस्थान में अब गांवों की सरकार चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में नामांकन, आरक्षण और उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ग्रामीण राजस्थान में चुनावी सरगर्मी और तेज होने वाली है।


