नागौर पंचायतीराज चुनाव 2026: डेगाना समेत 12 पंचायत समितियों में कब होगा मतदान?
नागौर में पंचायतीराज चुनाव का बिगुल, डेगाना समेत कई पंचायत समितियां दूसरे चरण में
नागौर। राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 का कार्यक्रम जारी होने के साथ ही नागौर जिले के ग्रामीण इलाकों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव चार चरणों में होंगे, जबकि पंच और सरपंच पदों के लिए भी चरणवार मतदान कराया जाएगा।
नागौर की पंचायत समितियों पर रहेगी नजर
नागौर जिले में पंचायतीराज चुनाव को लेकर खींवसर, जायल, डेगाना, डेह, नागौर, पांचौड़ी, भेरूंदा, मूंडवा, मेड़ता रोड-गोटन, मेड़ता सिटी, रियांबड़ी और श्रीबालाजी-अलाय समेत पंचायत समितियों में चुनावी प्रक्रिया होगी।
डेगाना दूसरे चरण में
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम में डेगाना पंचायत समिति को दूसरे चरण में रखा गया है। उपलब्ध सूची के अनुसार डेगाना पंचायत समिति में 46 ग्राम पंचायतें और 160 मतदान बूथ हैं। इसी चरण में रियांबड़ी, मेड़ता सिटी, मेड़ता रोड-गोटन और मूंडवा की आंशिक पंचायत समिति भी शामिल है।
चार चरणों में मतदान
| चरण | पंचायत समिति/जिला परिषद | पंच/सरपंच |
|---|---|---|
| प्रथम चरण | 23 अक्टूबर 2026 | 25 अक्टूबर 2026 |
| द्वितीय चरण | 29 अक्टूबर 2026 | 31 अक्टूबर 2026 |
| तृतीय चरण | 4 नवंबर 2026 | 6 नवंबर 2026 |
| चतुर्थ चरण | 14 नवंबर 2026 | 16 नवंबर 2026 |
मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है।
डेगाना में 29 और 31 अक्टूबर को मतदान
डेगाना पंचायत समिति के लिए दूसरे चरण में पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों का मतदान 29 अक्टूबर 2026 को होगा। वहीं पंच और सरपंच पदों के लिए 31 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा।
20 नवंबर को होगी मतगणना
पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव की मतगणना सभी चरणों के लिए 20 नवंबर 2026 को जिला मुख्यालय पर सुबह 8 बजे से शुरू होगी। वहीं पंच और सरपंच पदों की मतगणना मतदान समाप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
इसके बाद होंगे प्रमुख पदों के चुनाव
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर, उप जिला प्रमुख का 26 नवंबर, प्रधान का 27 नवंबर और उप प्रधान का चुनाव 28 नवंबर 2026 को निर्धारित किया गया है।
चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद नागौर जिले के गांवों में संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता और जनसंपर्क का दौर बढ़ने लगा है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी समीकरण और उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं तेज होने की उम्मीद है।
